शुभारम्भ तिथि: 2024-01-14
केन्द्र संचालक : पंचपरमेश्वर विद्यापीठ
पंचपरमेश्वर विद्यापीठ ‘विवेकवान नेतृत्व विकास’ से सम्बंधित विषय एवं कार्य के अध्ययन एवं प्रशिक्षण का एक महत्वपूर्ण केन्द्र है। इसके अन्तर्गत ज्ञान, समझ और कौशल विकास के विषयों तथा संदर्भों का अध्ययन एवं प्रशिक्षण, गांव जीवन को केंद्र में रखते हुए किया जाता है। नेतृत्व की विशेषज्ञता एवं कुशलता की दृष्टि से संबंधित तीनों क्षेत्रों (समाज, राज्य एवं बाजार) हेतु पाठ्यक्रम नियोजित किये गये हैं।विद्यापीठ का मुख्यालय, कमला ओंकार कुटीर, पूरे तोरई, कटरा गुलाब सिंह, प्रतापगढ़ उत्तर प्रदेश, एवं प्रशासनिक कार्यालय- प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) में स्थित है। पंचपरमेश्वर विद्यापीठ पंचपरमेश्वर चेरिटेबल ट्रस्ट के द्वारा संचालित है।
पंचपरमेश्वर चेरिटेबल ट्रस्ट, गैर सरकारी पब्लिक ट्रस्ट है, जिसकी पंजीकरण संख्या- INUP64091323117667U है। पंजीकरण भारतीय ट्रस्ट अधिनियम, 1882 के अंतर्गत दिनांक- 29/11/2022 को प्रयागराज,उत्तर-प्रदेश में किया गया है।
समाज के पुनर्जागरण, राष्ट्र के पुनर्निर्माण और स्वावलंबी विकास हेतु जीवन के सभी क्षेत्रों के लिए विवेकवान नेतृत्व का विकास करना है।
सद् विवेकी नेतृत्व विकास के शिक्षण एवं प्रशिक्षण का प्रमुख केन्द्र बनना है।
Explore our various programmes designed for education, awareness, training and social development.
समाज में जागरूकता और सकारात्मक बदलाव के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन।
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डॉ. चन्द्रशेखर प्राण का जन्म, उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में गाँव के एक साधारण किसान परिवार में हुआ। किशोरावस्था से ही इन्होंने सामाजिक कार्यों में रुचि लेना शुरू कर दिया था। युवावस्था में जिला युवा परिषद (1978) से लेकर राष्ट्रीय युवा परिषद (1987) के गठन तक, इन्होंने अनेक सामाजिक कार्यक्रमों तथा अभियानों का संचालन किया। उनकी यह सामाजिक यात्रा, पैतृक गाँव से शुरू होकर राष्ट्रीय स्तर तक पहुँची थी।
इसी दौरान डॉ. प्राण ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से प्रथम स्थान के साथ मास्टर डिग्री प्राप्त करके ‘विकास में पंचायतों की भूमिका तथा युवाओं का दृष्टिकोण एवं व्यवहार परिवर्तन’ विषय पर शोध कार्य पूर्ण किया।
इसके बाद युवा, पंचायत और विकास के मुद्दे पर समाज एवं सरकार के साथ जुड़कर, विगत 40 वर्षों से गाँव से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक लगातार प्रयासरत रहे हैं। सामाजिक विकास, ग्रामीण नेतृत्व तथा जनभागीदारी के क्षेत्र में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
डॉ. प्राण ने विभिन्न सामाजिक अभियानों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों एवं शोध गतिविधियों के माध्यम से युवाओं और ग्रामीण समाज को जागरूक करने का कार्य किया। उनका प्रयास हमेशा ऐसे नेतृत्व के निर्माण की दिशा में रहा है जो समाज के प्रति जिम्मेदार, संवेदनशील एवं विवेकवान हो।
पंचपरमेश्वर विद्यापीठ के माध्यम से भी ज्ञान, समझ, कौशल एवं विवेकवान नेतृत्व के विकास के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का संचालन किया जाता है। संस्था का उद्देश्य सामाजिक मूल्यों और जिम्मेदार नागरिक नेतृत्व को मजबूत करना है।
“पंच” और “परमेश्वर” यह दो शब्द भारतीय लोक मानस को शक्तिदायी से प्रेरित और प्रभावित करते रहे हैं।
“पंच” का अक्षर स्वतःस्फूर्त सहभागी जन नेता है, जो जनहित के साथ जुड़कर किसी भी सामाजिक दायित्व को स्वीकार करता है।
“परमेश्वर” का भाव मनुष्य के सद्गुण, सामाजिक पक्षों में निर्भयता की क्षमता और सद्विवेक से जुड़ा है।
इस तरह पंचपरमेश्वर का आशय है, समाज का स्व-स्फूर्त जननेतृत्व, जो सत्य के बोध से उज्ज्वल विवेक के साथ समाज में न्याय का तत्व व मार्गदर्शन करता है।
पंचपरमेश्वर विद्यापीठ का लक्ष्य
शुभारम्भ तिथि: 2024-01-14
केन्द्र संचालक : पंचपरमेश्वर विद्यापीठ
शुभारम्भ तिथि: 2024-03-15
केन्द्र संचालक : पंचपरमेश्वर विद्यापीठ
शुभारम्भ तिथि: 2024-10-15
केन्द्र संचालक : SGT University